26 Sep 2026

अभिषेक पर हमले के बाद राहुल गांधी ने किया ममता बनर्जी को फोन, सेहत पर की बात

अभिषेक पर हमले के बाद राहुल गांधी ने किया ममता बनर्जी को फोन, सेहत पर की बात

DB News
31 May 2026 11:46 PM
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर अभिषेक बनर्जी के इलाज और हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद विपक्षी दलों के बीच एकजुटता देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर अभिषेक बनर्जी के इलाज और हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

ममता बनर्जी के अनुसार राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान कहा कि यदि किसी भी प्रकार की सहायता की जरूरत हो तो वे उपलब्ध हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर अभिषेक बनर्जी को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहर भी ले जाया जा सकता है। इस बातचीत के बाद राजनीतिक हलकों में विपक्षी एकता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले का विरोध किया। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें नारेबाजी, धक्का-मुक्की और वस्तुएं फेंके जाने जैसी घटनाएं दिखाई दे रही हैं। सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ अस्पतालों और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को धमकी भरे फोन आने की जानकारी मिली है।

इस बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि किसी सांसद पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और अभिषेक बनर्जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

दूसरी ओर भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है।

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