26 Sep 2026

देवपुर में औषधीय वनस्पतियों पर एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला

देवपुर में औषधीय वनस्पतियों पर एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला

DB News
13 Jun 2026 09:25 PM
✅ Link copied successfully!

80 से अधिक प्रजातियों की पहचान, वैद्यों और छात्रों ने ली भागीदारी
रायपुर। बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के वनमंडल बलौदाबाजार के देवपुर परिक्षेत्र में शुक्रवार को औषधीय वनस्पतियों की पहचान और महत्व पर केंद्रित एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्र में उपलब्ध औषधीय पौधों की पहचान कराना, छाल, पत्ती, तना, जड़, फल एवं फूल के आधार पर वर्गीकरण सिखाना तथा उनके औषधीय महत्व की जानकारी देना था।
-80 से अधिक प्रजातियों की पहचान  
कार्यक्रम में अर्जुन, आंवला, बहेड़ा, बेल, काली मुसली, हाथीपांव, दूधी, भुईनीम, सतावर, खरहर, ठेलका, नरनारी, गरुड़ सहित लगभग 80 औषधीय वनस्पति प्रजातियों की पहचान कराई गई। विशेषज्ञों ने इन प्रजातियों के पर्यावरणीय व्यवहार, संरक्षण की आवश्यकता और फल, फूल, पत्ती, जड़ आदि के माध्यम से विभिन्न रोगों के उपचार में उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। स्वस्थ, निरोग और दीर्घायु जीवनशैली के लिए प्रकृति आधारित ज्ञान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
-वैद्यों से लेकर छात्रों तक की भागीदारी  
कार्यशाला में वनमंडल बलौदाबाजार, वनमंडल कवर्धा और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही पारंपरिक वनौषधीय ज्ञान रखने वाले वैद्यगण, वन प्रबंधन समिति के सदस्य, बारनवापारा के गाइड्स और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वन मंडल अधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर ने कहा कि कार्यशाला का मकसद केवल औषधीय ज्ञान का प्रसार नहीं था, इसका उद्देश्य इस ज्ञान को समाज के अधिक लोगों तक पहुंचाकर वृक्षों एवं वनस्पतियों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना भी है।

Advertisment