26 Sep 2026

हनोदा माइनर नहर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

हनोदा माइनर नहर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

DB News
04 Jun 2026 02:55 PM
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जल संसाधन विभाग और रिसाली निगम के संयुक्त अभियान में शासकीय भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त

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रायपुर। जल संसाधनों के संरक्षण तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दुर्ग जिले में हनोदा माइनर नहर क्षेत्र में विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग एवं नगर पालिक निगम रिसाली की संयुक्त टीम ने नहर क्षेत्र एवं विभागीय स्वामित्वाधीन शासकीय भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
        हनोदा माइनर नहर डी.पी.एस. स्कूल से वी.आई.पी. नगर तक नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र से होकर गुजरती है। यह नहर क्षेत्र जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नहरों एवं उनसे संबद्ध शासकीय भूमि का संरक्षण जनहित से जुड़ा विषय है। इन क्षेत्रों में किए गए अतिक्रमण न केवल शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जे की श्रेणी में आते हैं, बल्कि नहरों के अनुरक्षण, निरीक्षण एवं मरम्मत कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।
          प्रशासन द्वारा कार्रवाई से पूर्व संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बाद विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
           अभियान के दौरान नगर पालिक निगम रिसाली एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्रवाई को सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया, जिससे नहर क्षेत्र को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जा सका।
        कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारश्वत ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधीन नहरों, जल संरचनाओं, अनुरक्षण मार्गों तथा शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र की सभी नहरों एवं शासकीय परिसंपत्तियों की सतत निगरानी की जा रही है और जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां बिना किसी भेदभाव के वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
          उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि एवं जल संरचनाएं सार्वजनिक संपत्ति हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। इन परिसंपत्तियों का सुरक्षित एवं उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
            जल संसाधन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नहरों, शासकीय भूमि तथा अन्य सार्वजनिक उपयोगिता की संरचनाओं पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें और इनके संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें। सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण से ही जनहित एवं विकास कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित की जा सकती है।

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